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ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥
राहु

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राहु (Rahu) – छाया ग्रह का रहस्यमय प्रभाव

राहु को ज्योतिष शास्त्र में एक छाया ग्रह माना जाता है। यह भौतिक रूप से अस्तित्व में नहीं होता, फिर भी इसका प्रभाव मानव जीवन पर अत्यंत शक्तिशाली और रहस्यमय होता है। राहु को भोग, महत्वाकांक्षा, माया और भौतिक आकर्षण का प्रतीक माना जाता है। यह व्यक्ति को सांसारिक उपलब्धियों, प्रसिद्धि और असामान्य मार्गों की ओर प्रेरित करता है।

राहु का प्रभाव जीवन में अचानक उतार-चढ़ाव, अप्रत्याशित अवसर और तीव्र इच्छाओं को जन्म देता है। यह ग्रह व्यक्ति को पारंपरिक सोच से हटाकर नए, अनोखे और साहसी मार्गों पर चलने की प्रेरणा देता है। जिन जातकों की कुंडली में राहु प्रभावशाली होता है, वे राजनीति, तकनीक, मीडिया, अनुसंधान और विदेशी क्षेत्रों में विशेष सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

राहु का रंग धूम्र (गहरा भूरा या काला) माना गया है, जो रहस्य, भ्रम और गहराई का प्रतीक है। इसकी दिशा दक्षिण-पश्चिम मानी जाती है, जो स्थिरता, शक्ति और भौतिक संतुलन से जुड़ी हुई मानी जाती है।

सकारात्मक रूप में राहु व्यक्ति को साहसी, बुद्धिमान और असाधारण सफलता दिलाने वाला ग्रह बनता है, जबकि नकारात्मक स्थिति में यह भ्रम, लालच, असंतोष और मानसिक तनाव भी उत्पन्न कर सकता है। इसलिए राहु का संतुलन जीवन में अत्यंत आवश्यक माना गया है।

राहु हमें यह सिखाता है कि महत्वाकांक्षा तभी सार्थक होती है, जब वह विवेक और आत्म-नियंत्रण के साथ हो।

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